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Reproductive System
जीवो में प्रजनन तंत्र मुख्यतः दो प्रकार का होता है -
1. लैंगिक जनन 2. अलैंगिक जनन
लैंगिक जनन ( Sexual Reproductive)-
- लैंगिक जनन में नर व मादा भाग लेते हैं।
- नर में मुख्य प्रजनन अंग वृषण व मादा में अंडाशय होता है वह अन्य अंग सहायक होते हैं।
अंडाशय ( Ovary ) -
- अंडाशय में अंडाशय Ovary व अंडवाहिनी होती है। एक गर्भाशय भी स्थित होता है। गर्भाशय से गर्भाशय ग्रीवा निकली रहती है। गर्भाश्यी ग्रीवा योनी से जुड़ी होती है।
- जलीय जीव ( उदाहरण - मछली, मेंढक आदि ) को छोड़कर सभी जीवो में आंतरिक निषेचन होता है। मनुष्य में निषेचन की क्रिया अंडवाहिनी में होती है।
अंडोत्सर्ग ( Ovulation ) -
- अंडोत्सर्ग की क्रियारजोधर्म प्रारंभ होने के 14वें दिन होती है। अंडाणु 48 घंटे सक्रिय रहता है। अंडोत्सर्ग के समय शरीर का तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता है।
रजोचक्र/ आर्तव चक्र ( Mensuration Cycle ) -
- रजोचक्र की अवधि 28 से 29 दिन होती है। रजोचक्र का प्रारंभ होना रजोदर्शन / मिनार्की कहलाता है। यह लगभग 13 वर्ष में प्रारंभ हो जाता है। रजोचक्र के बंद होने को रजोनिवृत्ति कहते हैं।
- एक महिला अपने जीवन चक्र में अधिकतम 400 अंडाणु का उत्पादन करती है तथा 1 महीने में एक अंडाणु का उत्पादन करती है
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वृषण ( Testes ) -
- यह नर का लैंगिक अंग है। यह पुरुषों में केवल 1 जोड़ी पाया जाता है। वृषण में शुक्राश्य होता है। जो शुक्र वाहिनी से जुड़ा होता है। शुक्रवाहिनी वृषण कोश से जुड़ी रहती है जिसमें वृषण स्थित होता है। वृषण एक तरफ से अधिवृषण से जुड़ा रहता है जो शुक्राणु को ऊर्जा प्रदान करता है इसमें प्रोस्टेट व काउपर्स ग्रंथि पाई जाती है।
- वृषण का अनुप्रस्थ काट होने पर इनमें कई प्रकार की कोशिकाएं पाई जाती है। इसमें एक सरटोनी कोशिका, जनन कोशिका व अंतराली कोशिका ( लेंडिंग कोशिका ) पाई जाती है व सेमिनिफेरस नलिकाएं भी पाई जाती है सरटोनी कोशिका शुक्राणु को पोषण प्रदान करती है। जनन कोशिका शुक्राणु का निर्माण करती है व लेडिंग कोशिका टेस्टोस्टेरोन तथा एंड्रोजन हार्मोन का स्रावण करती है।
- जो पुरुषों में द्वितीय लैंगिक लक्षण के लिए जैसे आवाज भारी, दाढ़ी मूछ का आना के लिए उत्तरदाई होता है।
- शुक्राणु निर्माण के लिए 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है।
निषेचन ( Fertilization )-
- निषेचन की खोज हर्टविंग ने सी अर्चिन में की। सी अर्चिन को अरस्तु की लालटेन कहते हैं। निषेचन में मादा के अंडाणु वह नर के शुक्राणु केंद्रको का संलयन होता है। मनुष्य की निषेचन की क्रिया फैलोपियन ट्यूब में होती है तथा संलयन से युग्मनज का निर्माण होता है।
भ्रूण परिवर्धन -
- भ्रूण का परिवर्धन कई अवस्थाओं में होता है।
- भ्रूण परिवर्तन के दौरान अंडाणु ( n ) व शुक्राणु ( n ) संलयित होकर युग्मनज का निर्माण होता है। युग्मनज मे 2n अर्थात गुणसूत्रों की संख्या 46 हो जाती है।
- युग्मनज से 2 - 3 दिन बाद 10 -15 कोशिकाओं का गुच्छा बनता है उसे मोरूला कहते हैं। मोरूला से 4 - 5 दिन बाद ब्लास्टूला अवस्था का निर्माण होता है। इसके बाद ग्रेस्टुला अवस्था का निर्माण होता है। जिसमें 3 भ्रूणीय स्तर का निर्माण होता है। एक्टोडर्म स्तर, मिजोडर्म व एंडोडर्म स्तर बनते हैं। इन तीनों स्तरों से मिलकर अंगों का निर्माण होता है। ब्लास्टूला अवस्था में ही भ्रूण गर्भाशय ने आरोपित होता है। Organogensis से 9 महीने बाद पूरे बच्चे का निर्माण होता है।
- IVF तकनीक / पात्र निषेचन / परखनली शिशु तकनीक ( Test Tube Baby )
- इस तकनीकी की खोज रॉबर्ट G. ऐडवर्ड तथा स्ट्रैप्टो ने 1977 में की। इसके लिए इसे 2010 में नोबेल पुरस्कार भी मिला।
- परखनली शिशु से तात्पर्य है निषेचन तो परखनली में होता है पर बच्चे का जन्म गर्भाशय से होता है। इसे 16 से 32 कोशिका अवस्था में गर्भाशय में आरोपित किया जाता है। इस तकनीक में जो माता बच्चे को जन्म देती है उसे सेरोगेट मदर कहते हैं।
- विश्व की प्रथम टेस्ट ट्यूब बेबी - लुईस जॉय ब्राउन ब्रिटेन में 25 जुलाई 1978 में।
- भारत में प्रथम टेस्ट ट्यूब बेबी - 1. दुर्गा अग्रवाल 2. हर्षा
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अन्य बिदु -
- GIFT ( Gamete Intra Fallopian Transfer )
- ZIFT ( Zygote Intra Fallopian Transfer )
- ZIFT तो IVF तकनीक है पर GIFT, IVF तकनीक नही है।
गर्भ निरोधक गोली O.C.P. (Oral Contraceptive Pill ):-
- इस गोली की खोज पिनकस ने की थी। यह एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का नियंत्रित करती है। यह अंडोत्सर्ग को रोकने लेती है
नसबंदी ( Sterilisation ) -
- महिला मे नसबंदी की क्रिया को ट्यूबोक्टोमी कहते हैं तथा नर में इस क्रिया को वेसेक्टोमी कहते हैं।
क्लोनिंग ( Cloning )-
क्लोन एक जीव रचना है जो गैर लैंगिक विधि द्वारा एकल पेरेंट् से व्युत्पन्न है। क्लोन शारीरिक रूप से ही नहीं वरन अनुवांशिक गुणों में भी अपने एकल पेरेंट् के अनुरूप होता है। क्लोन एकल पेरेंट्स का फोटोकॉपी है जिस तकनीक से क्लोन उत्पन्न किया जाता है उसे क्लोनिंग कहा जाता है। इस तकनीक के तहत प्राय: नाभिकीय अंतरण विधि का प्रयोग किया जाता है इस विधि के अंतर्गत कोशिका के नाभिक को यांत्रिक रूप से निकाल दिया जाता है और तत्पश्चात नाभिक रहित अंडाणु में प्रतिस्थापित कर दिया जाता है।
स्कॉटलैंड ( ब्रिटेन ) स्थित रोसलिन इंस्टिट्यूट के डॉ. इयान बिल्यूट के नेतृत्व में वैज्ञानिकों के एक दल ने इस तकनीक द्वारा भीड़ की एक एकल कोशिका से 'डॉली' नामक मेमना पैदा करने में सफलता प्राप्त की । डॉली का जन्म 1996 में हो गया लेकिन उसको फरवरी 1997 में प्रकाश में लाया गया।
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Reproductive System Questions and Answers :-
- सामान्यतः निषेचन होता है - डिंब वाहिनी नली में
- उस स्थिति में एक जैसा जोड़ा पैदा होता है जब - एक निषेचित अंडे के दो टुकड़े हो जाते हैं
- गर्भाशय के लिए वैकल्पिक शब्द क्या है - युटेरस
- भ्रूण के पोषण में कौन सी संरचना सहायक होती है - प्लेस्टो
- नवजात शिशु की 3 माह तक की आयु के अध्ययन को कहते हैं - नियोनेटोलॉजी
- कॉर्पस ल्युटियम क्या संस्त्रावित करता है - प्रोजेस्टेरोन
- प्रजनन के द्वारा पुरुष और स्त्री के जननांगो से स्त्रवित शुक्राणु और अंडाणु मिलकर बनाते हैं - नया भ्रूण
- पुरुष प्रजनन तंत्र के प्रमुख अंग है - अधिवृषण वृषण शुक्रवाहिका, पुरस्थ, शिशन आदि।
- स्त्री प्रजनन तंत्र के प्रमुख अंग है - शर्तशेल वृहत्त भगोष्ठ, लघु भगोष्ठ, भगशीशिनका, योनि अंडाशय, डिंबवाहिनी नली तथा गर्भाशय आदि।
- वृषण नर जनन ग्रंथि है, जो होता है - अंडाकार
- शुक्राणु की लंबाई होती है - 5 माइक्रोन
- शुक्राणु शरीर मे जीवित रहते है - 30 दिन तक
- अंडाशय मे एस्ट्रोजन तथा प्रोजेस्टेरोन का स्त्राव होता है, जो की नियंत्रित करते है - ऋतुस्त्राव
- गर्भाशय नाशपाती के आकार का होता है ? - मूत्राशय के पीछे तथा मलाशय के आगे स्थित होता है
- शुक्राणु ओर डिंब के मिलन को कहते है - निषेचन
- ऋतुस्त्राव स्त्रियो मे होता है - 12-14 वर्ष की अवस्था से प्रारम्भ होकर 45 - 50 वर्ष की आयु तक
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